राष्ट्रीय आय National income

राष्ट्रीय आय National income

राष्ट्रीय आय (National income) – राष्ट्रीय आय से अभिप्राय एक राष्ट्र की एक वर्ष में आर्थिक क्रियाओं के फलस्वरूप उत्पादित अंतिम वस्तुओं एवं सेवाओं के मौद्रिक मूल्य के योग से होता है। इसमें उन समस्त अंतिम वस्तुओं एवं सेवाओं के मूल्यों को सम्मिलित किया जाता है, जो देश के सामान्य निवासियों द्वारा घरेलू सीना में अथवा इसके बाहर रहकर उत्पादित की गई है। इसमें विदेशो से अर्जित साधन आय को भी सम्मिलित किया जाता है। इसे राष्ट्रीय उत्पाद भी कहा जाता है।

राष्ट्रीय आय (National income)

 

चालू कीमतों पर राष्ट्रीय आय (National Income at Current Prices)-

जब राष्ट्रीय आय को प्रचलित बाजार मूल्यों पर मापा जाता है तो इसे चालू कीमतों पर राष्ट्रीय आय कहते हैं। चालू कीमतों पर राष्ट्रीय आय को मौद्रिक आय भी कहा जाता है।

स्थिर कीमतों पर राष्ट्रीय आय (National Income at Constant Price)-

स्थिर कीमतों पर राष्ट्रीय आय से अभिप्राय एक लेखा वर्ष के दौरान एक राष्ट्र के सामान्य नागरिकों द्वारा उत्पादित समस्त अन्तिम वस्तुओं तथा सेवाओं के उस मौद्रिक मूल्य से है जिसे किसी आधार वर्ष (वर्तमान में 2011-12) के मूल्यों पर मापा जाता है। इसे वास्तविक राष्ट्रीय आय (Real National Income) कहा जाता है।   ध्यातव्य है कि प्रचलित बाजार मूल्यों पर प्रतिव्यक्ति आय में से मुद्रास्फीति की वृद्धि दर को घटाने पर स्थिर मूल्यों पर प्रति व्यक्ति आय प्राप्त होती है। अर्थात् प्रचलित मूल्यों पर प्रति व्यक्ति आय की वृद्धि दर का मूल्य स्थिर कीमतों पर प्रतिव्यक्ति आय की वृद्धि दर के मूल्य की अपेक्षा अधिक होगा तथा यह अन्तर मुद्रास्फीति की दर के मूल्य के बराबर होगा।

सकल घरेलू उत्पाद (Gross Domestic Product: G.D.P.)-

एक लेखा वर्ष में एक देश की घरेलू सीमा में सभी उद्यमियों-चाहे वे निवासी हों या अनिवासी द्वारा की गई सकल मूल्य वृद्धि को सकल घरेलू उत्पाद (Gross Domestic Product) कहा जाता है।

सकल राष्ट्रीय उत्पाद (Gross National Product :G.N.P.)-

राष्ट्रीय आय अथवा राष्ट्रीय उत्पाद की अवधारणा सकल घरेलू उत्पाद की अवधारणा से अधिक विस्तृत है। इसका अनुमान घरेलू उत्पाद में शुद्ध विदेशी साधन आय जोड़कर लगाया जा सकता है। अर्थात् सकल राष्ट्रीय उत्पाद से आशय एक वर्ष की अवधि में एक देश के सामान्य नागरिकों द्वारा देश की  घरेलू सीमा के अन्दर या बाहर उत्पादित की गयी अन्तिम वस्तुओं और सेवाओं के सकल मूल्य से है।
GNP = GDP + X-M
जिसमें, X = देशवासियों द्वारा विदेशों में अर्जित आय (Receipt) M= विदेशियों द्वारा देश में अर्जित आय (Payment) उपर्युक्त समीकरण से स्पष्ट है कि यदि x=M है तो GNP=GDP के होगा। इसी प्रकार जब बन्द अर्थव्यवस्था
(Closed economy) के अन्तर्गत X-M= 0 (शून्य) है तो वहाँ GNP = GDP होगा।

शुद्ध राष्ट्रीय उत्पाद (Net National Product-NNP)-

शुद्ध राष्ट्रीय उत्पाद ज्ञात करने के लिए GNP में से पूँजी स्टॉक की खपत को घटाना होता है। गणितीय समीकरण के रूप में, NNP = GNP – Depreciation

राष्ट्रीय आय National income

उपर्युक्त वर्णित शुद्ध राष्ट्रीय उत्पाद में उत्पादित वस्तुओं के बाजार मूल्य लिए गए हैं जिनमें अप्रत्यक्ष कर व सब्सिडी के प्रभाव सम्मिलित होते हैं। वास्तव में NNP की गणना दो प्रकार से की जा सकती हैं। प्रथम, वस्तुओं तथा सेवाओं की बाजार कीमतों पर तथा द्वितीय, कुल उत्पत्ति की उत्पादन साधन लागत के रूप में। जब NNP का मूल्यांकन अथवा माप साधन लागत पर किया जाता है, तो उसे ही राष्ट्रीय आय के नाम से जाना जाता है। इसे ज्ञात करने के लिए बाजार मूल्य पर आकलित शुद्ध राष्ट्रीय उत्पाद (NNP) में से शुद्ध अप्रत्यक्ष करों (कुल अप्रत्यक्ष कर सब्सिडी) को घटाना होता है। इस प्रकार से ज्ञात मूल्य ही साधन लागत पर शुद्ध राष्ट्रीय उत्पाद (Net National Product at Factor Cost) अथवा राष्ट्रीय आय कहलाता है।

गणितीय समीकरण के रूप में,
साधन लागत पर शुद्ध राष्ट्रीय उत्पाद अथवा राष्ट्रीय आय (NI) = बाजार कीमतों पर NNP – अप्रत्यक्ष कर + सब्सिड़ी (Subsidy)

परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य

.आर्थिक विकास की किस प्रणाली का स्वरूप लोकतांत्रिक होता है बाजार प्रणाली का।
• आर्थिक विकास की किस प्रणाली में उपभोक्ताओं तथा उत्पादकों की स्वतंत्रता का अपहरण, प्रेरणा एवं साहस का अभाव तथा अधिकारियों की तानाशाही जैसी बुराइयाँ सन्निहित होती हैं – केन्द्रीकृत नियोजन प्रणाली में।
• स्वतंत्रोपरान्त भारत ने आर्थिक विकास की कौनसी प्रणाली चुनी – बाजार व्यवस्था के साथ आयोजन या आयोजन मिश्रित आर्थिक प्रणाली को चुना।
. उदारवादी अर्थव्यवस्था किस अर्थव्यवस्था की संज्ञा है मिश्रित अर्थव्यवस्था।
. आर्थिक विकास की किस प्रणाली में केन्द्रीय नियोजन पूर्ण रूप से नहीं होता है – मिश्रित आर्थिक प्रणाली में।
. विकास की कौन-सी प्रणाली स्वयं संचालित होती है – पूँजीवादी।
• आर्थिक विकास के किस प्रणाली में आर्थिक स्थिरता बनी रहती है – केन्द्रीकृत नियोजन प्रणाली में।
.मिश्रित अर्थव्यवस्था के तीन क्षेत्र कौन-से हैं – सार्वजनिक, निजी एवं संयुक्त क्षेत्र।
.मिश्रित अर्थव्यवस्था दोहरी अर्थव्यवस्था है, यह कथन किसका है – प्रो. हेन्सन का।
.यह किसने कहा था कि मिश्रित अर्थव्यवस्था एक नियंत्रित आर्थिक प्रणाली है – प्रो. लर्नर ।
.पूँजीवाद का विनाश स्थिरावस्था के कारण नहीं बल्कि अधि उत्पादन तथा सामाजिक उथल पुथल के कारण होगा यह विचार किसका है कार्ल मार्क्स का।
.एक उदारवादी मिश्रित अर्थव्यवस्था में राजकोषीय एवं मौद्रिक नीतियों (Fiscal & Monetary policies) में किसकी भूमिका अधिक महत्वपूर्ण होती है – मौद्रिक नीति की।

 

.मिश्रित आर्थिक प्रणाली में अर्थव्यवस्था को नियंत्रित करने की दिशा में नियंत्रक नीतियाँ कौनसी है राजकोषीय तथा मौद्रिक नीतियाँ।
.भारत में राष्ट्रीय आय की गणना किसके द्वारा की जाती है केन्द्रीय सांख्यिकी संगठन (CSO)
.भारत मे राष्ट्रीय आय समिति का गठन कब किया गया था 1949 में।
. मौद्रिक आय से क्या तात्पर्य है चालू कीमत पर राष्ट्रीय आय । किसी देश के आर्थिक विकास का सही सूचक कौनसी आय है स्थिर कीमत पर राष्ट्रीय आय.
. साधन लागत पर राष्ट्रीय आय मे किस प्रकार के करों को सम्मिलित नहीं किया जाता है अप्रत्यक्ष करों को वर्तमान समय में राष्ट्रीय आय के अनुमान लगाने का आधार-वर्ष क्या है 2011-12 (30 जनवरी, 2015 से)
.आधुनिक राष्ट्रीय लेखा प्रणाली का पिता किसे कहा जाता है ग्रेगरी किंग को। भारत में सांख्यिकी आंदोलन का जनक किसे कहा जाता है प्रशान्त चंद्र महालनोबिस को।

.नॉमिनल जीडीपी सकल घरेलू उत्पाद का वह आंकड़ा जिसमें मुद्रास्फीति को समायोजित नहीं किया गया होता है, नॉमिनल जीडीपी कहा जाता है।
.वास्तविक जीडीपी वास्तविक जीडीपी में मुद्रास्फीति को समायोजित कर लिया जाता है। यही कारण है नॉमिनल जीडीपी प्रायः वास्तविक जीडीपी से अधिक होता है।
.NGDP > 0GDP
.केन्द्रीय सांख्यिकी संगठन का मुख्यालय कहाँ स्थित है ? नई दिल्ली में
केन्द्रीय सांख्यिकी संगठन की औद्योगिक शाखा किस शहर में स्थित है? – कोलकाता में
.केन्द्रीय सांख्यिकी संगठन अपना वार्षिक प्रकाशन किस नाम से जारी करता है? – राष्ट्रीय लेखा सांख्यिकी
.वर्तमान में केन्द्रीय सांख्यिकी संगठन का नाम बदलकर क्या कर दिया गया है ? केन्द्रीय सांख्यिकी कार्यालय
.स्थिर कीमतों पर राष्ट्रीय आय को क्या कहा जाता है? वास्तविक राष्ट्रीय आय
.शुद्ध राष्ट्रीय उत्पाद को कुल जनसंख्या से विभाजित करके क्या प्राप्त किया जा सकता है? – प्रति व्यक्ति आय

.प्रति व्यक्ति आय     =कुल जनसंख्या /कुल राष्ट्रीय आय

.भारत जैसे देश में राष्ट्रीय आय की गणना के लिए क्या किया जाता है? का सम्मिश्रण उत्पादन प्रणाली तथा आय प्रणाली
.राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण संगठन को भंग करने का निर्णय कब किया गया ? 10 अगस्त 2006 को
.स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भारत सरकार ने किसकी अध्यक्षता में एक राष्ट्रीय आय समिति का गठन किया गया था? – प्रो पी. सी महालनोबिस
.राष्ट्रीय आय समिति का गठन कब किया गया था? अगस्त 1949 में
.देश में जीडीपी संबंधी त्रैमासिक आंकड़े किसके द्वारा जारी किये गये थे, केन्द्रीय सांख्यिकी संगठन द्वारा

• 2011-12 की स्थिति के अनुसार चालू कीमतो पर सर्वाधिक प्रति व्यक्ति आय वाला राज्य कौन है?- गोवा (रू. 1,92,652)
.2011-12 की स्थिति के अनुसार चालू कीमतों पर प्रति व्यक्ति सर्वाधिक आय वाला केन्द्रशासित प्रदेश कौन है? – नई दिल्ली (रू. 1,75,812)
भारत की राष्ट्रीय आय में सर्वाधिक योगदान है?- विनिर्माण क्षेत्र का
.भारत की राष्ट्रीय आय का प्रमुख स्त्रोत है? – कृषि क्षेत्र
.योजनाकाल में राष्ट्रीय में किस क्षेत्र का योगदान घटा है ?- कृषि
.जैसे जैसे अर्थव्यवस्था विकसित होती है राष्ट्रीय आय में तृतीयक क्षेत्र का अंश बढता जाता है।
.देश में राष्ट्रीय न्यादर्श की स्थापना कब हुई ? 1950
.केन्द्रीय सांख्यिकी संगठन की स्थापना कब हुई? – 1951 ई.
.राष्ट्रीय आय है?- उत्पादन लागत पर निबल राष्ट्रीय उत्पाद

.भारत की राष्ट्रीय आय अनुमानित होती है? – केन्द्रीय सांख्यिकी संगठन द्वारा
.राज्य की प्रति व्यक्ति आय सबसे अधिक है? गोवा
. भारत में चालू मूल्यों पर प्रति व्यक्ति न्यूनतम आय वाला राज्य है? बिहार
1867-68 में भारत में प्रति आय रू. 20 थी, यह सर्वप्रथम अभिनिश्चित किया- दादाभाई नौरोजी ने
‘ड्रेन का सिद्धात’ किसने प्रतिपादित किया था- गोविंद रानाडे

.1949 में गठित राष्ट्रीय आय समिति के ध्यक्ष कौन थे? – पी. सी महानलोबिस
.स्वतंत्रता पूर्व भारत की राष्ट्रीय आय समिति के संबंध में किसने अनुमान लगाये थे? नौरोजी व शिराज ने
,भारत में राष्ट्रीय आय का आकलन सबसे पहले किसने दिया था? दादाभाई नौरोजी
.स्वतंत्रता के पश्चात् देश की राष्ट्रीय आय का अनुमान लगाने के लिए भारत ने राष्ट्रीय आयस समिति की स्थापना कब की थी? 4 अगस्त, 1949.भारत की राष्ट्रीय आय में किस क्षेत्र का सबसे कम योगदान है? – द्वितीयक क्षेत्र
भारत में राष्ट्रीय आय का आकलन करने के लिए उत्तरदायी सरकारी एंजेसी -.केन्द्रीय सांख्यिकी संगठन
• आर्थिक विकास की बेहतर मान कौन सी है? – प्रति व्यक्ति आय
.किसको राष्ट्रीय में शामिल नहीं किया जाता है? – लाटरी जोतना
प्रति व्यक्ति आय के लिए राष्ट्रीय आय के भगा दिया जाता है देश की कुल जनसंख्या से
.भारत की राष्ट्रीय आय के बारे में कौन सा कथन सही है, संयुक्त रूप से कृषि और उद्योग की अपेक्षा सेवाओं का प्रतिशत हिस्सा अधिक है।
अमीरी की तुलना में गरीब की बचत करते है? – अपनी आय के अपेक्षाकृत छोटे हिस्से की ।
.भारत के सकल घरेलू उत्पाद में विभिन्न क्षेत्रों के योगदान का कौन सा सही ह्यसवान कम है? सेवा-उद्योग-कृषि
.मूल्य ह्यस किसके बराबर होता है? -सकल राष्ट्रीय उत्पाद निबल राष्ट्रीय उतपादन
• कोन सी राष्ट्रीय आय के मापन की विधि नहीं हे, निवेश निधि
.राष्ट्रीय आय निकालने के लिए एनएनपी में से किसे घटाया जाता है? अप्रत्यक्ष कर
.जीएनपी से एनएनपी निकालने के लिए किसको घटाया जाता है ?- हास
.प्रति व्यक्ति आय सकल राष्ट्रीय उत्पाद / कुल जनसंख्या
.किसी देश का निबल राष्ट्रीय उत्पाद होती है? सकल घरेलू उत्पाद में मूल्य हास भत्ते घटाकर
.आर्थिक विकास का सर्वोत्तम सूचकांक उपलब्ध कराया जाता है? वर्ष प्रति वर्ष प्रतिव्यक्ति वास्तविक आय में वृद्धि द्धारा
.बढ़ती हुई प्रति व्यक्ति आय एक बेहतर कल्याण की द्योतक होगी, यदिउनके साथ हो- गरीबों के पक्ष में परिवर्तित आय वितरण
.अंतराष्ट्रीय समुद में भारतीय मछुआरों द्वारा पकड़ी गई मछलियों किसकी जीडीपी का हिस्सा है? – भारत
.आय विधि से राष्ट्रीय आय का आकलन करते समय किसको शामिल नहीं किया जाता है? अवितरित आय

.राष्ट्रीय आय अनुमान की गणना करते समय किसको ध्यान में रखना अपेक्षित होता है – निर्यात मूल्य जोडा जाना और आयात मूल्य को घटाया जाना ।
.सकल घरेलू उत्पाद इसका मुद्रा मूल्य है एक वर्ष में उत्पादित सभी अंतिम वस्तुओं और सेवाओं का किसी राष्ट्र की राष्ट्रीय आय होती है- उत्पादन कार्यो का योगफल

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *